वर्ल्ड रैंकिंग तीरंदाजी में भारत का डंका, बीकानेर की इस जोड़ी ने कमाल कर दिया

Indian Archery Gold Medal

Indian Archery Gold Medal

जयपुर: Indian Archery Gold Medal: चेक गणराज्य में आयोजित प्रतिष्ठित वर्ल्ड रैंकिंग तीरंदाजी प्रतियोगिता में भारत की कंपाउंड मिक्स टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है. भारतीय जोड़ी में ओलंपियन एवं वर्ल्ड पैरा चैंपियनशिप पदक विजेता श्याम सुंदर स्वामी और विश्व नंबर-1 कंपाउंड तीरंदाज शीतल देवी शामिल थीं. दोनों खिलाड़ियों ने फाइनल मुकाबले में इंडोनेशिया की मजबूत टीम को पराजित कर भारत को स्वर्ण पदक दिलाया और अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराया.

पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय जोड़ी ने बेहतरीन खेल, सटीक निशानेबाजी और उत्कृष्ट तालमेल का प्रदर्शन किया. निर्णायक मुकाबले में भी दोनों खिलाड़ियों ने दबाव के बीच संयम बनाए रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया. इस जीत के साथ भारत के खाते में एक और महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जुड़ गया.

राजस्थान के बीकानेर निवासी श्याम सुंदर स्वामी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है. पैरा तीरंदाजी में लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे श्याम सुंदर स्वामी ने इस स्वर्ण पदक के साथ न केवल प्रदेश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि भारतीय पैरा तीरंदाजी को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

युवा तीरंदाजों के लिए प्रेरणा: राजस्थान तीरंदाजी संघ के महासचिव सुरेंद्र सिंह गुर्जर ने बताया कि इस उपलब्धि से राजस्थान सहित पूरे देश के तीरंदाजी खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है. उन्होंने कहा कि श्याम सुंदर स्वामी और शीतल देवी की यह सफलता देश के युवा तीरंदाजों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी. दोनों खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया है कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के दम पर विश्व स्तर पर भी सफलता हासिल की जा सकती है.

राजस्थान तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारतीय तीरंदाजी के लिए गर्व का क्षण है. उन्होंने विशेष रूप से श्याम सुंदर स्वामी के प्रशिक्षक अनिल जोशी को भी इस ऐतिहासिक सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके कोच का समर्पण, मार्गदर्शन और वर्षों की मेहनत छिपी होती है, जिसका परिणाम आज पूरे देश ने देखा है.